कराची (द थर्सडे टाइम्स) — मामले की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने मंगलवार को रॉयटर्स को बताया कि क़तरएनर्जी ने पाकिस्तानी ख़रीदारों से कहा है कि वह साल के अंत तक द्रवीकृत प्राकृतिक गैस (एलएनजी) की आपूर्ति नहीं करेगी। इससे उस फ़ोर्स मेज्योर की अवधि बढ़ गई है, जिसने ईरान के साथ जंग शुरू होने के बाद से खाड़ी से आने वाली आपूर्ति में कटौती कर रखी है।
इन नोटिसों में निलंबन की अवधि दिसंबर की शुरुआत की पिछली समय-सीमा से बढ़ाकर दिसंबर के अंत तक कर दी गई है। इसका मतलब है कि पाकिस्तान में सर्दियों की चरम गैस मांग के दौरान क़तर से कोई खेप आने की संभावना नहीं है। पाकिस्तान अपनी आयातित एलएनजी का ज़्यादातर हिस्सा क़तर से दीर्घकालिक अनुबंधों के तहत ख़रीदता है और इसका इस्तेमाल बिजली उत्पादन, उद्योग और घरेलू आपूर्ति में होता है।
यूरोप में क़तरएनर्जी के सबसे बड़े ग्राहकों में से एक, इटली की एडिसन ने इतालवी ऊर्जा बाज़ार संचालक जीएमई (GME) के प्लेटफ़ॉर्म पर जारी एक नोटिस में कहा कि उसके लिए तय एलएनजी की तीन और खेपें प्रभावित होंगी। फ़रवरी के आख़िर में शुरू हुई ईरान जंग से पैदा हुई रुकावट के कारण क़तरएनर्जी अप्रैल से एडिसन को आपूर्ति रद्द करती आ रही है।
क़ीमतों में उछाल
क़तर की आपूर्ति के बंद होने, यूरोप में गैस के कम भंडार और ठंडे मौसम के चलते इस हफ़्ते डच बेंचमार्क गैस की क़ीमत 95 यूरो प्रति मेगावाट घंटे से ऊपर चली गई, जो दिसंबर 2022 के बाद के अपने उच्चतम स्तर के क़रीब है। एडिसन का क़तरएनर्जी के साथ अनुबंध 2009 से लागू है और 25 साल चलेगा। इसके तहत हर साल 6.4 अरब घन मीटर गैस मिलती है, जो इटली की सालाना खपत का लगभग दसवां हिस्सा है।
खाड़ी के ऊर्जा ठिकानों पर ख़तरा बना हुआ है। मंगलवार को यमन के हूथियों ने सऊदी अरब की रास तनूरा रिफ़ाइनरी पर मिसाइल हमले का दावा किया, जो बादशाहत की सबसे बड़ी रिफ़ाइनरी है। वहीं व्यापारियों के मुताबिक़ क़तरएनर्जी टेंडर के ज़रिये होर्मुज़ जलडमरूमध्य के भीतर लोडिंग के लिए नैफ़्था पेश कर रही है।



